
E9 News,सियोल: अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित युद्ध के कारण अनेक देश परेशान हैं, लेकिन उत्तर कोरिया अपनी जिद पर अड़ा है। वह न तो संयुक्त राष्ट्र की कोई बात सुनने को तैयार है और न ही अपने सबसे बड़े सहयोगी चीन की बात मान रहा है।अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का कहना है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर दबाव बनाए जाने की कोशिश हो रही है। दूसरी तरफ उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने अमेरिका को कड़े शब्दों में कहा कि, ‘हमसे न टकराएं।’ एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के खिलाफ सख्त कदम उठाए। दूसरी तरफ, उत्तर कोरिया ने अपने सबसे बड़े समर्थक चीन की सुझाव को भी अस्वीकर करते हुए अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम कयम रखा है। टिलरसन ने वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम उत्तर कोरिया को लेकर हर संभावना को तलाश रहे हैं। इसमें इस देश को दबाव के जरिए अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए मनाना भी शामिल है, लेकिन यह सहयोग पहले से अलग होगा। उधर, अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस अपने मित्र आशियान देशों के दौरे पर बार-बार कह चुके हैं कि उत्तर कोरिया के साथ रणनीतिक धैर्य का समय अब खत्म हो चुका है। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के स्पीकर पॉल रयान ने अपने लंदन दौरे में कहा कि दबाव बनाने की रणनीति में मिलिट्री के विकल्प भी होने चाहिए।
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