
E9News भोपाल: मध्यप्रदेश में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है। समाजिक संगठनों के साथ विपक्ष पहले से ही मांग कर रहा है। अब भाजपा नेता भी शराबबंदी के समर्थन में आ गये हैं।सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने शिवराज को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि शराब की दुकानें चरणबद्ध तरीके से बंद नहीं होती हैं। अगर सरकार को शराबबंदी करनी है, तो उसे एकसाथ की जाए न कि चरणबद्ध तरीके से। इसकी घोषण सीएम को करनी चाहिए। गौर ने कहा कि 2018 में हर हाल में शराब बंद हो जानी चाहिए और शराब फैक्ट्रियों के उत्पादन पर अंकुश लागाकर आधा कर देना चाहिए। क्योंकि आज भाजपा के नेताओं को भी शराब को लेकर भारी विरोध का सामना करना पड़ता है। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों में शराबबंदी की मांग के चलते कई जिलों में तोड़फोड़ हो रही है और जनता इसके विरोध में हिंसा पर उतारु हो गई है। भोपाल, रायसेन, सागर इंदौर, सहित कई जिलों में हाल में हुई घटनाओं के बाद ही मुख्यमंत्री ने चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी की घोषणा की थी।
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