
E9 News, जालंधर (रमेश गाबा) फसल की खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा फंड जारी करने के इंकार के बावजूद हजारों करोड़ों की रकम जारी करवाने में कामयाब हुए मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। कांग्रेस नेत्री निमिशा मेहता ने कैप्टन को किसानों के असली मसीहा बताते हुए कहा कि अनाज की खरीद के लिए करीब 18,000 करोड़ की रकम जारी होने से पूरे पंजाब में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सत्ता में किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक पंजाब में अकाली-भाजपा के राज के दौरान गेहूं की सूखी फसल को लेकर भी किसान मंडियों में तबाह होते रहे हैं। निमिशा मेहता ने कहा कि केंद्र से फसल के लिए फंड जारी कराने में अक्सर फेल होने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का असली उद्देश्य जमींदारों को मंडियों में तबाह करवा कर खाद्य मंत्री और अपने दामाद आदेश प्रताप कैरों से किसानों की लूट करवाना था।
इसी कारण पंजाब में 31,000 करोड़ रुपए का खाद्य घोटाला हुआ। यही कारण था कि केंद्र की तरफ से पंजाब को फसल खरीद के लिए फंड जारी करने से इंकार किया जा रहा था। निमिशा मेहता ने कहा कि किसानों को परेशानी से बचाने के लिए कै. अमरेंद्र सिंह वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को साथ लेकर मार्च माह से केंद्र सरकार के साथ बैठक कर रहे थे। जबकि सत्ता में रहते प्रकाश सिंह बादल किसानों के 20/22 दिन मंडियों में परेशान होने के बाद ही केंद्र को चिट्ठी लिखने का कष्ट करते थे।
कांग्रेसी वक्ता ने कहा कि बेशक केंद्र ने कुछ शर्तें रखकर पंजाब को फंड जारी किया है परंतु यह सब सी.एम. और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के प्रयत्नों से संभव हो सका है। किसानों और पंजाब को बड़े आर्थिक संकट से कांग्रेस सरकार ने बचाया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन सिंह ने बादल की तरह न तो केंद्र सरकार पर आरोपों की राजनीति की है बल्कि सीधे तौर पर मसला हल करने की कोशिश की है। कांग्रेसी नेता ने कहा कि मसलों को लटका कर प्रकाश सिंह बादल ड्रामेबाजी और बहानेबाजी की राजनीति करते आए हैं जबकि कैप्टन अमरेंद्र सिंह लोकहित में परिणाम देने में विश्वास रखते हैं।
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