
E9 News, नई दिल्लीः नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जाट आंदोलनकारी आज आरक्षण मुद्दे पर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ही संसद के घेराव की तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा।
मलिक ने कहा कि हरियाणा, यूपी, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और अन्य प्रदेशों से करीब 50 लाख जाट दिल्ली पहुंचे हैं। तारीख तय होने पर वे संसद का घेराव करेंगे। मलिक ने कहा, ‘ये लोग तब तक वापस नहीं लौटेंगे जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाएंगी। होली के बाद हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।’
जाट आरक्षण मामले में आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान बीजेपी सरकार ने जाटों को पिछड़ा बताया तो याचिकाकर्ता की ओर से इस दावे को गलत करार दिया गया। याची ने तर्क दिया कि जाट पिछड़ी जाति नहीं है, उनका सरकारी नौकरियों और क्लास वन के पदों पर दबदबा है। इस पर अदालत ने सरकार को वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई आज होगी।
हरियाणा में जाट, रोड़, बिश्नोई, त्यागी, जाट सिख और मुल्ला जाट को पिछड़ा वर्ग की नई कैटेगरी-सी के तहत 10 फीसदी आरक्षण दिया गया था। संबंधित विधेयक पिछले मार्च में विधानसभा में पारित किया गया था। इसे चुनौती देने वाली याचिकाओं में जाटों के पिछड़े न होने की दलील दी गई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत प्रदेश में कुल कोटा 50 फीसदी से अधिक हो गया है।
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