
E9 News, नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल 11 मार्च को पंजाब में विधानसभा चुनावों में जीत की उम्मीद के साथ सातवें आसमान पर हो सकते हैं लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली द्वारा ‘आप’ के संयोजक के खिलाफ दायर किए गए आपराधिक मानहानि के केसों ने उनकी रातों की नींद हराम कर रखी है। केजरीवाल दिल्ली में अदालतों के बाहर विकल्प ढूंढ रहे हैं, अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अब मुकद्दमे की कार्रवाई शुरू होगी। केजरीवाल सबूत साबित करने में अब उन आरोपों में कठिनाई महसूस कर रहे हैं जो उन्होंने डी.डी.सी.ए. के प्रधान पद पर रहते हुए जेतली पर अपनी पुत्री को फायदा पहुंचाने या पद का दुरुपयोग करने के लगाए थे। ‘आप’ संयोजक अब समझौते के लिए संदेश भेज रहे हैं और ‘सॉरी’ कहने के भी इच्छुक हैं। जेतली चाहते हैं कि वह बिना शर्त माफी मांगें और अदालतों में हलफनामा दायर करें तथा केजरीवाल उनको गलत ढंग से बदनाम करने के लिए एक रुपए की ‘टोकन’ राशि दें। केजरीवाल ऐसा करने के इच्छुक नहीं और मामलों को लटकाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जेतली ने संकेत दिया है कि वह चाहेंगे कि अदालतों से केजरीवाल को कोई राहत नहीं मिले।
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