
E 9 NEWS, नई दिल्लीः राजधानी की मंडियों में राजस्थान और हरियाणा से लोकल प्याज की आवक में कमी के कारण अगले महीने से प्याज की थोक कीमत में वृद्धि हो सकती है। इन राज्यों में प्याज की पुरानी फसल लगभग खेतों में समाप्त होने के कगार पर है। यही कारण है कि आजादपुर मंडी में प्याज की आवक पर असर देखा जा रहा है। आजादपुर मंडी में 30 जनवरी को प्याज की आवक 1375.5 टन रही लेकिन 31 जनवरी को यह गिर कर 675.7 टन पहुंच गई। 1 फरवरी को यह गिरावट 445.5 टन पर पहुंच गई।
मंडी में प्याज के आढ़तियों के अनुसार आवक में गिरावट का यह सिलसिला गत 10 दिनों से ही शुरू हो गया था। इस दौरान 24, 25 और 28 जनवरी को छोड़ दें तो अन्य दिनों में 400 टन भी आवक नहीं रही। 27, 23 व 21 जनवरी को भी प्याज की आवक में भारी गिरावट देखी गई। आढ़तियों के अनुसार मंडी में इन दिनों प्याज की आवक गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के अलावा राजस्थान व हरियाणा से भी होती है। इनमें करीब 30 से 35 प्रतिशत प्याज की आवक राजस्थान व हरियाणा के लोकल प्याज की होती है। हालांकि यहां के प्याज आकार और गुणवत्ता के लिहाज से महाराष्ट्र आदि राज्यों की तुलना में कमतर होते हैं जिस कारण इसकी कीमत भी कम होती है लेकिन मंडी में रोजाना खपत में इन राज्यों के प्याज की मांग भी होती है। खुदरा बाजारों में यहां के प्याज के खरीदारों का भी बड़ा तबका है लेकिन अब इन राज्यों के खेतों में लगी फसल लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में मंडी में यहां के प्याज की आवक नहीं के बराबर रह जाएगी।
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